राजस्थान-विधायकों को आईपेड पर नेवा का दिया प्रशिक्षण, विधान सभा ‘वन नेशन-वन एप्लीकेशन’ के तहत रही डिजिटाईज्ड

जयपुर।

राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि इस सूचना एवं तकनीकी युग में डिजिटल पद्धति से कार्य किया जाना समय की आवश्यकता है। राजस्थान विधान सभा भी इस क्षेत्र में निरंतर आगे बढे, इसके लिये वन नेशन-वन एप्लीकेशन के तहत विधान सभा में यह प्रयास किया जा रहा है। राजस्थान विधान सभा का सदन सूचना तकनीक के साथ नये कलेवर में तैयार हो गया है।

सदन में 200 विधायकों की सीटों पर आईपेड लगाये गये हैं। इन आईपेड के माध्यम से विधायकगण सदन में ऑनलाईन पद्धति से विधान कार्यों का सम्पादन करेंगे। देवनानी की अध्यक्षता में विधान सभा के सदन में आयोजित समारोह में लगभग एक सौ दस विधायकगण ने बुधवार को आइपेड के माध्यम से सदन से संबंधित कार्यों को करने का एक दिवसीय प्रशिक्षण लिया। लोक सभा सचिवालय से आये नेता और एनआईसी के अधिकारियों ने तकनीकी प्रशिक्षण दिया। विधायकगण को विधान संबंधी कार्य सम्पादित करने के लिये आईपेड पर दिये गये भौतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुये विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अब विधायकगण ऑफलाइन के साथ-साथ नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन पद्धति से भी कार्य सम्पादित कर सकेगे। श्री देवनानी ने कहा कि वन नेशन- वन एप्लीकेशन नेवा के तहत राजस्थान विधान सभा के सदन में भी लोक सभा व राज्य सभा की तर्ज पर विधान संबंधी कार्य होंगे। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राजस्थान विधानसभा के सभागार में सदस्यों की सीटों पर कम्प्यूटर उपकरण स्थापित करने और विधानसभा सचिवालय को पेपरलैस किये जाने हेतु नेवा प्रोजेक्ट के तहत विधायकगण को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के तहत विधान सभा को डिजिटलाईज परियोजना के तहत केन्द्र व राज्य सरकार के वित्त का उपयोग 60 व 40 के अनुपात में किया गया है।

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सदन में विधायकगण की प्रत्येक सीट पर लगा है आई-पैड-
श्री देवनानी ने बताया कि सदन में विधायकगण की प्रत्येक सीट पर एक आई-पैड लगाया गया है। एक लैपटोप मय प्रिन्टर विधायकगण को उनके आवास के लिए भी उपलब्ध कराया जायेगा। इस परियोजना में 12.61 करोड़ रूपये की राशि व्यय हुई है। इस राशि में भी 60 प्रतिशत केन्द्र सरकार एवं 40 प्रतिशत भागीदारी राज्य सरकार की है।

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विधायकों को प्रशिक्षण सदन में भी तकनीकी मदद मिलेगी-
श्री देवनानी ने बताया कि विधानसभा में नेवा सेवा केन्द्र (ई लर्निंग कम ई-फैसिलेशन सेन्टर) की भी स्थापना की जा रही है। इस केन्द्र के तकनीकी अधिकारी विधायकगण और कार्मिकों को नेवा मॉडूयल्स की जानकारी उपलब्ध करायेगें। केन्द्र द्वारा प्रशिक्षण सामग्री अंग्रेजी व हिन्दी में उपलब्ध कराई जायेगी। श्री देवनानी ने कहा कि सत्र के दौरान विधायकगणों की सुविधा के लिए प्रोजेक्ट के तहत सदन में सहायता उपलब्ध कराने के लिए तकनीकी कर्मचारी मौजूद रहेंगे। जिस भी विधायकगण को ऑनलाईन कार्य करने में असुविधा होगी उसके लिए मौके पर ही तकनीकी सहायता उपलब्ध करा दी जायेगी।

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सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित होगा विधान सभा में-
श्री देवनानी ने बताया कि विधान सभा में विधायकगणों को ऑनलाईन कार्य करने में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिये सात दिवस का व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। इसके तहत विधान सभा समितियों की बैठकों में ही विधायकगण को आईपेड पर व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विधायकगण के लिये यह प्रशिक्षण निरंतर जारी रहेंगे ताकि यह कार्य पद्धति उनके स्वभाव में आ सके और विधान सभा की कार्यवाही पेपरलैस हो सके।

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